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पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान महसूस होने वाले ये अजीबो ग़रीब लकà¥à¤·à¤£, नहीं जानते होंगे आप
pregnancy symptoms
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान का समय काफी सà¥à¤–द अनà¥à¤à¤µ वाला होता है, इस दौरान à¤à¤• गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला हरेक काम को करने से पहले पेट में पल रहे अपने नवजात के बारे में सोचती है, तमाम तरह के सपने सजाती है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि आखिर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ कब आती है और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
दरअसल à¤à¤• महिला गरà¥à¤ धारण तब करती है जब महिला के अंडाणॠऔर पà¥à¤°à¥‚ष के शà¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤£à¥ का मिलन होता है, इस मिलन को फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ कहते हैं। गरà¥à¤ धारण करने के बाद महिलाओं के शरीर में कई तरह के बदलाव होते हैं औऱ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के अजीबो गरीब से लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देने लगते हैं जो की नीचे बताठगठहैं।
सिमà¥à¤ªà¤Ÿà¤®à¥à¤¸ ऑफ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
अगर आपने टेसà¥à¤Ÿ नहीं करवाया है तो à¤à¥€ आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लकà¥à¤·à¤£ महसूस हो सकत हैं जैसे- आपके हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° में बदलाव, खाने का मन ना करना आदि, लेकिन कà¥à¤› लोगों में ये लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद दिखाई देते हैं।
1.पीरियडà¥à¤¸ का रूकना
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने का लकà¥à¤·à¤£ की बात करें तो पीरियडà¥à¤¸ का रूक जाना गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कई बार पीरियडà¥à¤¸ का मिस होना पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधित परेशानियां और कमजोरी की वजह से à¤à¥€ पीरियडà¥à¤¸ अनियमित हो जाते हैं।
2.सरदरà¥à¤¦
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ में सिरदरà¥à¤¦ à¤à¥€ शामिल है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान सिर में दरà¥à¤¦ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव और खून की मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ के कारण होते हैं। लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे अगर आपको 24 घंटे सिर में दरà¥à¤¦ रहता है तो ये गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ नहीं है, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
3.वजन बढ़ना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ में वजन बढ़ना à¤à¥€ आम है। इस दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला के शरीर का à¤à¤¾à¤° अचानक ही बढ़ने लगता है, दूसरे महीने के बाद वजन बढ़ने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ मे तेज़ी आ जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान पेट में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ का à¤à¥€ वजन बढ़ता है और साथ ही खाने पर अधिक धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की वजह से मां का वजन à¤à¥€ बढ़ने लगता है।
4.हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¤à¥€-कà¤à¤¾à¤° हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ हो जाती है। अगर आपका वजन अधिक बढ़ गया है या आपके परिवार में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की परेशानी पहले से चली आ रही है तो आपको à¤à¥€ ये बीमारी बेहद आसानी से हो सकती है।
5.पेट में जलन और कबà¥à¤œà¤¼
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने का लकà¥à¤·à¤£ में पेट का जलन और कबà¥à¤œà¤¼ à¤à¥€ शामिल हो सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाले हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ में बदलाव की वजह पेट में जलन होने लगता है, इसके अलावा खाना अचà¥à¤›à¥‡ से ना पचने के कारण हमेशा कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ रहती है।
6.à¤à¤‚ठन
सिमà¥à¤ªà¤Ÿà¤®à¥à¤¸ ऑफ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन à¤à¥€ शामिल है। गरà¥à¤ धारण के कà¥à¤› दिनों बाद गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में मांसपेशियां खिंचने और फैलने लगती हैं जिसकी वजह से शरीर की मांसपेशियों में à¤à¤‚ठन होने लगती हैं।
7.पीठदरà¥à¤¦
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में कमर दरà¥à¤¦ और मांसपेशियों में तनाव होना आम बात है। बढ़े हà¥à¤ वजन के कारण पीठमें दरà¥à¤¦ होने लगता है और पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट महिला को उठने-बैठने में परेशानी होने लगती है।
ये à¤à¥€ पà¥à¥‡à¤‚ - गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (Pregnancy) के दौरान सोने की सबसे अचà¥à¤›à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
8.डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने के लकà¥à¤·à¤£ डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ à¤à¥€ हैं। सà¤à¥€ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाà¤à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ का शिकार रहती हैं। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ का कहना है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाओं में जरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मूड-सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग होने की शिकायत रहती है। अगर ये समसà¥à¤¯à¤¾ हमेशा बनी रहे तो समठजाना चाहिठकि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं।
9.नींद ना आना
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं में अनिंदà¥à¤°à¤¾ यानि नींद ना आने की à¤à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ रहती है। तनाव, शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨ और हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव के कारण ये सममसà¥à¤¯à¤¾ होती है, ये पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लकà¥à¤·à¤£ में से à¤à¤• है। अगर आप रोज़ाना योग और सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग करते हैं तो आपकी ये परेशानी दूर हो सकती है।
10.दोनों सà¥à¤¤à¤¨ में बदलाव
महिलाओं के सà¥à¤¤à¤¨ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होने के लकà¥à¤·à¤£ में से खास लकà¥à¤·à¤£ है। डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¸ की माने तो ये सबसे धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने वाला लकà¥à¤·à¤£ होता है। अगर आपका सà¥à¤¤à¤¨ कोमल, à¤à¤¾à¤°à¥€ और à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ लगने लगे तो समठजाइठकी आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हैं। इसके अलावा आपके निपलà¥à¤¸ à¤à¥€ बड़े और संवेदनशील हो सकते हैं।
11.उलà¥à¤Ÿà¥€ आना
सिमà¥à¤ªà¤Ÿà¤®à¥à¤¸ ऑफ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की बात करें तो उलà¥à¤Ÿà¥€ सबसे आम लकà¥à¤·à¤£ है, इस दौरान पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को खाने की हर चीज़ में से महक आने लगती है और उलà¥à¤Ÿà¥€ होती है। ये वो पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ हैं जो पहले चार महीनों के à¤à¥€à¤¤à¤° दिखाई देते हैं, खासकर सà¥à¤¬à¤¹ के समय ये समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखी जाती है।
12.मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¤£à¥à¤¡à¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बढ़ जाता है जिसकी वजह से गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में महिलाà¤à¤‚ मà¥à¤à¤¹à¤¾à¤¸à¥‡ का शिकार हो जाती हैं। इस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वजह से तà¥à¤µà¤šà¤¾ तेलीय हो जाती है और सà¥à¤•िन के पोरà¥à¤¸ बंद हो जाते हैं जिसकी वजह से मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से हो जाते हैं ये à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ हैं।
13.दसà¥à¤¤ लगना
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ को दसà¥à¤¤ से à¤à¥€ पहचाना जा सकता है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान डायरिया और पाचन संबंधी कई तरह की परेशानियां हो जाती हैं, à¤à¤¸à¤¾ आहार में परिवरà¥à¤¤à¤¨ और खाना ठीक से डायजेसà¥à¤Ÿ ना होने की वजह से होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में शà¥à¤°à¥‚ से लेकर अंत तक इस तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ बनी रहती हैं।
14.खाने में से गंध आना
सिमà¥à¤ªà¤Ÿà¤®à¥à¤¸ ऑफ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में गंध आना à¤à¥€ शामिल है, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट महिलाओं को खाने की चीज़ों में से दà¥à¤°à¥à¤—ंध आती है। ये लकà¥à¤·à¤£ शà¥à¤°à¥‚आती तीन महीनों तक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पता लगते हैं इस दौरान मतली और उलà¥à¤Ÿà¥€ काफी कॉमन है। लेकिन धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे ये केवल कà¥à¤› ही पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के साथ होता है अगर आपको खाने की हर चीज में से गंध आती है तो ये पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के लकà¥à¤·à¤£ नहीं हैं, इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
à¤à¤‚ठन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 1 से 4 तक
माहवारी का रà¥à¤•ना सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 4
थकान सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 4 से 5 तक
जी मिचलाना सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 4 से 6 तक
सà¥à¤¤à¤¨ में दरà¥à¤¦ होना सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 4 से 6 तक
बार-बार पेशाब आना सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 4 से 6 तक
सूजन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 4 से 6
मोशन सिकनेस सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 5 से 6
मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚ग सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 6 तक
तापमान में बदलाव सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 6
हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 8
दिल धड़कना सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 8 से 10
निपà¥à¤ªà¤²à¥à¤¸ में बदलाव सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 11 के बाद
मà¥à¤¹à¤¾à¤‚से सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 11 के बाद
वजन बढ़ना सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 11 के बाद
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी गà¥à¤²à¥‹ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 12
उलà¥à¤Ÿà¥€ सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ 3 से 4 के बाद
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान सावधानियां
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कई तरह की बातों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि थोड़ी सी à¤à¥€ लापरवाही से मिसकैरेज हो सकता है।
1.टेसà¥à¤Ÿ के बाद सावधानी
पीरियडà¥à¤¸ मिस होने के बाद तà¥à¤°à¤‚त टेसà¥à¤Ÿ करवाà¤à¤‚, और अगर आप टेसà¥à¤Ÿ में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट पाई जाती हैं तो शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 3 से 4 महीने तक सेकà¥à¤¸ करने से बचें। इसके अलावा जब तक à¤à¥à¤°à¥‚ण सेटल ना हो तबतक सचेत रहें।
2.खेल-कूद ना करें
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान à¤à¤¾à¤—-दौड और खेल-कूद जैसा कोई à¤à¥€ काम करने से बचें। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ 3 से 4 महीना बहà¥à¤¤ ही संवेदनशील माने जाते हैं इसलिठकिसी à¤à¥€ तरह की यातà¥à¤°à¤¾ करने और सीढियां चढ़ने की कोशिश ना करें। खेल-कूद और छलांग ना लगाà¤à¤‚।
3.अधिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® ना करें
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤²à¥‡ ही सेहत का खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठलेकिन इसके लिठजरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® या जिम ना करें। अगर आप गरà¥à¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान सावधानी रखती हैं तो पà¥à¤°à¤¸à¤µ तक पहà¥à¤‚चने में दिकà¥à¤•तें नहीं होंगी। इसके अलावा पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अधिक पसीना बहाना गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के लिठखतरनाक à¤à¥€ हो सकता है।
4.दवाइयों का सेवन
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान कई तरह की शारिरिक परेशानी होती है इसलिठछोटी छोटी बीमारी के लिठà¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवाइयों का सेवन ना करें। जहां तक हो सके घरेलू नà¥à¤¸à¥à¤–े टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करें। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस दौरान अधिक दवाइयों का सेवन पेट में पल रहे नवजात के लिठहानिकारक हो सकता है।
5.à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान ना उठाà¤à¤‚
गरà¥à¤ धारण के बाद से ही à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान ना उठाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ à¤à¥€ हो सकता है, à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान उठाने से पेट पर दबाव पड़ता है जो मां और शिशॠदोनों के लिठजानलेवा है।
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